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1 Reis 4

शलि और

29 परमवर शलि, बहगहरिऔर असरण समझ ी. 30 शलि िों और ििों ि कहीं बढकर ी. 31 रण यहि वह सभमनों अधििे—एज़्एथन े, े, लकऔर रदअधि. आस-पसभों ें उनकि ी. 32 शलहज़ािवचन कहे, और उनकएक हज़ाांिगए े.

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