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1 शमुएल 14

1 एक ितन अपनशस्‍रवहक कहा, "चलो, उस ओर चलें, जहां ििवनै." उसकचनउसनअपनिनहीं ी.

2 ऊल िगरमक पर एक अने. यह िििकट ा. उनकिों लगभग ी, 3 इस समय अहएफ़ोरण िउनका. वह अहा, एल, ििइखा. एलें हविे. इस िलकअनजि तन वहां े.

4 उस करों ओर चटों ढली. तन यहीं कर िििितक पहुंचनजनबनरहे. एक चटऔर सर. 5 उततरिचटिकमिकट तथदकििचटे.

6 तन अपनशस्‍रवहक कहा, "चलो, इन खतना-रहिों वनतक चलें. भव ि हवहमिसकिं. िसमें यह षमति हवे? वह ़ौिपरििि ें सकतैं, ़ों बहों ा."

7 उनकशस्‍रवहक उनसकहा, "आपकसहलग रहै, वहि. आपनिचय कर िै, उसि. ैं हर एक परििि ें आपकूं."

8 तन कहा, "बहबढ़िा! हम उन ों मनि हमें सकें. 9 यदि हमसयह कहें, हमवहां पहुंचनतक वहीं ठहररहना,’ तब हम वहीं खड़े रहेंे, और उनकनहीं े. 10 मगर यदि यह कहें, यहां हमआओ,तब हम उनकिकट चले; ोंि यह हमिएक िि हवउनें हमअधकर िै."

11 जब उन ों वयििपर रकट िा, िििों उनें ा, आपस ें िकरनलगे, "ो, ो, इबअब अपनउन ें िकलकर हर रहैं, जहां अब तक िे." 12 तब उन िों तन तथउनकहथिउठकहा, "इधर ि हम ें एक-दपढ़ा सकें."

तन अपनहथिउठकहा, "चलो, चलो. चलआओ, ोंि हवउनें इसएल अधकर िै."

13 तब तन अपनों और ों उपयकरतऊपर चढलगऔर उनकशस्‍रवहक उनके-चढचलगया. तन िििों रतचलगए और े-उनकशस्‍रवहक िििों िा. 14 उस पहलें तन और उनकशस्‍रवहक लगभग िों िऔर वह लगभग आधएकडा.

इसएल ़ौ

15 उससििििें, ें तथसभों ें आतगया. िें तथदलों ें आतगया. ि ांपनलगिसससब ें आतऔर अधिगहरगया.

16 ििरदें िििें ऊल पहररहि िििबड़ी ें इधर-उधर हर िें रहे. 17 तब ऊल अपनिों आदिा, "सबकइकटकरऔर करि न-कयहां नहीं ै." जब िइकटगए यह ि तन और उनकशसउठवहां नहीं े.

18 तब ऊल अहकहा, "एफ़ो14:18 एफ़ोद कुछ हस्तलेखों में संदूक यहां ." (उस समय अहएफ़ोरण करता.) 19 यहां जब ऊल िें कर रहे, ििििें आतगहररहा. तब ऊल िआदिा, "अपनहर िि."

20 ऊल और उनकितनयकि िचल पड़े. ििििें उनोंि आतें िििएक सरतलविरहे. 21 वहां इबिऐसे, ऊल िििों िे. अब िकर ऊल और तन िगए. 22 इसरक, इसएली, एफईम रदपरवतों ें िे, यह नकर ि ििरहैं, ें उनककरनें गए. 23 इस रकहवउस िइसएल ़ौी. थ-आवपरा.

ऊल खतशपथ

24 उस िइसएल िबहथक ोंि ऊल शपथ रखी, "िवह यकि, पहलजन करा, इसकपहलि ैं अपनशतबदलूं." तब ििजन नहीं िा.

25 वन ें रवकर और वहां ि पर शहद छतपड़ा ा. 26 जब िवन ें आगबढरहवहां शहद बहचलरहा, मगर िशहद नहीं ोंि उन पर शपथ भय ा. 27 मगर तन अपनिगई शपथ नहीं ा. उसनअपनशहद छतें िा. और जब उसनउस शहद ा, उसकों ें चमक गई. 28 तब िों ें एक उनें बता, "िइन शबों ें यह शपथ ी, िवह यकि आज जन करा!’ इसलिसब िबहथकांैं."

29 तन कहा, "ििकट उतपन्‍िै. ो, शहद चखनपर ें चमकनलगीं ैं. 30 ितनअचयदि आज सभिों शतमगें जन कर िा! तब शतपर हमजय और अधिउलखनी."

31 उस ििििों िकमकर अयतक हरिा. तब बहथक े. 32 तब िशतमगपर लच कर पड़े. उनों़ें य-बतथबछड़े ि. उनोंवहीं ि पर उनकवध िऔर िउनें लहसमलगे. 33 इसकचनऊल गई, "ि, हविकर रहै—लहउनें रहैं."

ऊल उततर िा, "सभिसघिै. एक बड़ा पतथर कर यहां मन." 34 उनोंआगआदिा, "सब िों ें कर उनसयह कहो, ममें हर एक अपनअपनअपनी-अपनयहां मनउस पर कर उसकवध करऔर तब उस, मगर ांलहसहिकर हविकरो.’ "

तब उस हर एक अपनअपनवहीं कर उसकवध िा. 35 िऊल हविएक बन. यह उनकहविबनपहली.

36 ऊल अपनकहा, "ें हम िििों पर हमलकरें. बह े-हम उनें ेंे. उनमें एक िि़ा ."

उनोंसहमति ें उततर िा, "वहि, आपकसहलग रहै."

मगर ििा, "सहयह ि इस िषय ें हम परमवर सलें."

37 तब ऊल परमवर ा, "ैं िििों पर हमलकरूं? आप उनें इसएल अधकर ेंे?" मगर परमवर उस समय उनें उततर िा.

38 तब ऊल सभअधििों अपनकर उनसकहा, "सभरधों, यहां आओ ि हम यह पतकरें ि आज यह िरकिगयै. 39 इसएल रखविहवशपथ, यदि यह वयतन िगयो, उसकितय ै." ें एक िकहा.

40 तब ऊल इसएलकहा, "ै. एक ओर ैं और तन खड़े ोंऔर सरओर सभी."

उततर िा, "आपकसहलगे, ि."

41 तब ऊल यह थनी, "हव, इसएल परमवर, यदि यह तन िगयै, तब हव, इसएल परमवर, तब उरइसकि ि. यदि यह आपकरजइसएल िगयै, तब इसकि ि." इस रकिििों तन तथऊल ििगए और ििकर गई. 42 तब ऊल आदिा, "ििां तथतन ं." इसमें ितन गया.

43 तब ऊल तन आदिा, "अब बत, िमने?"

तन उनें बता, "सच यह ि ैंअपनिशहद छतलगा, उसमें लग़े शहद िचखा. यह अपरै!"

44 "तन, यदि ैं ें ूं परमवर कठेंे," ऊल उततर िा.

45 मगर इनककर कहनलगी, "तन तव ें ै, िसकआज हमें ऐसमहिजय ्‍ै? कभनहीं, कभनहीं! िहवशपथ, उसकिएक तक ि ी, ोंि उसनआज िै, वह उसनपरमवर सहयतिै." इस रकतन ििबचिा.

46 इसकऊल िििों करनििा, और ििअपनी-अपनजगह पर गए.

47 जब ऊल इसएल ें रतििगए, उनोंउनकिकटवरसभशतकरनकर िा: आबिों, अमिों, एदिों, ़ोतथिििों े. 48 उनोंअमिों िऔर इसएल उसकशत़ौरदी.

ऊल परि

49 ऊल े, तन, इशवतथलखी-. उनकिां ी: बड़ी तथखल. 50 ऊल पतअहअम ा, अही. उनकरधअबन. ऊल िे. 51 ऊल ितथअबनि, ों अबएल े.

52 ऊल वनकें इसएलिों और िििों लगचलतरहा. जब कभऊल ि िहसऔर बलववक पर पडी, वह उसअपनें िकर े.

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