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1 शमुएल 29

ििअगसरों असि

1 िििों अपनअफमक पर ििी, तथइसएलिों ़्झरनिकट. 2 जब िियक अपनकड़ों तथहज़ासमें आगबढरहे, और उनकआके-चल रहे. 3 िििों पतिों रशिा, "इन इबिों यहां ?"

आकपतिों उततर िा, "इसएल ऊल वक नहीं नते, े—उस समय ै, जब उसनऊल ़ा ै? तब आज तक ैंउसकों ें गलतनहीं ी."

4 इस पर ििपति उन पर गए. उनोंकहा, "उसउसआदि, उसआपनिै. ें वह हमनहीं एगा. पतें वह हमि? उसकमनइससउततम और सकति वह ऊल ि ें ो? 5 यह वहनहीं ै, िसकिउनोंिलकर करतयह ा:

" ऊल अपनहज़ाशति

मगर अपनदस हज़ाशता’?"

6 इस पर आककर उनसकहा, "वनहवशपथ, सचरहो, और यकिगत सहयहलग रहि इस ें आयकरो. ििआशरय ें आए ो, तब आज तक ममें अपिनहीं लगा. अब िसकतै; यदि पति ें करननहीं हते? 7 तब अब ांिवक यहां , ि ििपति मसअपरसन्‍ं."

8 आका, "झसऐसगई ैं ा, ी, शतलडनहीं सकता? ििैं आपकें आयूं, तब आज तक आपकझमें ििै?"

9 आकउततर िा, "ैं नतूं ि ि ें िो, परमवर वरगद. िििपतिों अपनमत िै, वह हमें नहीं े.’ 10 तब ऐसकरो, उठकर अपनआए अपनवकों कर बह रकसब ."

11 तब अपनिों बड़े तडििगए, मगर िि़्ओर बढगए.

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