Pular para o conteúdo
Publicidade

1 Samuel 17

और ियथ

1 इस समय िििों िअपनइकटी. यहिमक पर एकते. उनोंतथअज़ेमधयवरें अपनििखड़े िे. 2 ऊल और उनकएलें एकती, जहां उनोंअपनििखड़े िे. िििों िउनोंयहीं अपनिी. 3 ििएक पह़ी पर तथइसएलअनपह़ी पर ांखड़ी ी, और उनकमधी.

4 इससमय िििों ििएक हर आया. उसकियथ, रदा. कद ें वह लगभग टर ा. 5 उसनअपनिपर ांपहन रखा. उसकशरपर तल कवच ा, िसकसतवन िा. 6 उसकों पर तल कवच ा. उसकों मधांबरलटक7 उसककरघसमा. फल लगभग िा. उसकआगे-आगउसकहक चल रहा.

8 इसएल ि मनखड़े उसनउनें िकर उचवर ें कहनिा, "कर रहयहां रचनें िकर? ऊल ों, ैं ििूं. अपनमधएक ि वह आए. 9 यदि वह झसकर सकऔर वध कर सके, हम वक बन े; मगर यदि ैं उसपरिकरूं और उसकवध करूं, ें हमबनकर हमकरनी." 10 वह िियह कह रहा, "आज ैं इसएलूं! झसकरनिएक ो." 11 जब ऊल तथइसएलयह सब सभिगए, और उनमें भय समगया.

12 यहिरदें इफऱथ थलनगर िमक यकि े. िआठ े. ऊल सनकें िवये. 13 उनकबड़े ऊल ें िे: एलिउनक, अबसरा, तथसरशम. 14 इन सबसे. बड़े ऊल ें िे. 15 ऊल उपसिि थला-कर अपनि़ों खभिकरते.

16 वह ििितक हर बह तथइसएलमनआकर खड़ा करता.

17 िअपनकहा, "अपनइयों ियह एफ17:17 एफाह लगभग 16 किलोग्राम भर अन्‍, तथदस िों कर. 18 इसकअतििउनकअधििदस पनििां . अपनइयों कर आना, और आकर बर ा. 19 ऊल और उनकिििों करनलकएलें एकतैं."

20 जलउठऔर अपऩें एक कररकें कर िआदअनवधकर रसिा. वह ििउस पर पहुंे, जब िहर रही. इससमय सब लगरहे. 21 इसएलऔर ििआमने-मनखड़ी गई. 22 अपनमगरखवौंपकर रणभि ओर गए, ि अपनइयों उनकशल ें छती. 23 जब वह उनसकर रहे, रदआयवह ियथ मक ििा, ििपड़ाहर रहा. आज उसनवहशबहर, वह अब तक हरआया, और आज शबे. 24 उसखतइसएलबहभयभकर उसकउपसिि गनलगी.

25 िों तचकरता, "रहइस यकि ो, हमओर बढ़ा चलरहै? वह इसएल िकरनउदज-रयहकर रहै. उसधरकर ा, उससमसमपन्‍कर ेंे, उससअपनिकर ेंतथउसकिपरिकर कर ेंे."

26 ें कर रहउन िों रशिा, "उस यकि रतिफल िएगा, इस ििकर इसएल उस अपमिा? ोंि यह अखतनिििै, वनपरमवर ऐसउपकरे?"

27 उन िों उततर वहकहा, उसकउनें बते, "इसकवध करा, उसवहरतिफल िएगा, हम बतैं."

28 बड़े एलििों ें करता. एलिपर ि. एलिा, "यहां ों आये? मरि ें उन ़ी ़ों िसककर आयो? ैं नतूं ि यहां ों आयो! पति ितनअभिै! ैं दय नता! वल यहां खनिआनहते!"

29 उततर िा, "अरे! ैंिै? छतकरनअधिनहीं?" 30 यह कहकर वहां चलगए, और िअनिउनोंवहरशा, िसकउनें वहउततर ्‍, उनें इसकपहलिगया. 31 िवकतवऊल मनहरा. ऊल उनें अपनआदिा.

32 ऊल कहा, "ििआवशयकतनहीं ै. ैं, आपकवक, कर उस ििकरूंा."

33 ऊल सलकहा, "यह असभव ि कर इस ििकरो; िएक लक और वह जवएक ा."

34 ऊल उततर िा, "ैं, आपकवक, अपनि़ों रखवकरतरहूं. जब कभिं़ों ुंें िउठकर ै, 35 ैं उसककर, उस पर रहकर उसकिूं, यदि वह पर हमलकरतै, ैं उसकजबड़ा पकड़, उस पर कर उसलतूं. 36 आपकवक िंतथों िै. इस अखतनिििवहियति पर ै, उनकै, ोंि उसनवनपरमवर समझै. 37 हव, िोंरकिंतथरकइस ििकरेंे."

इस पर ऊल कहा, "बहबढ़िा! , हवउपसिि बनरहे."

38 यह कहतऊल अपनहथिों सजिकरनकर िा. 39 इनकऊपर ऊल तलवकस और िइन सबकचलनिकरनलगे, ोंि इसकपहलउनोंइनकरयकभिा.

उनोंऊल कहा, "इनें पहनकर िचलनिरनिरहै; ोंि ैंइनकरयपहलकभनहीं िै." यह कहतसब उति. 40 िअपनी, नदतट ांिकने-पतथर उठ, उनें अपनचरवें ा, अपनें अपनफन िििओर बढचला.

41 वह ििबढिकट पहुंा. उसकआगे-आगउसकउठचल रहा. 42 जब उस ििनपवक ओर ा, उसकमन ें रति उतपन्‍गए, ोंि िएक लक े—मल वचऔर बहुंदर. 43 उस िििकरतकहा, "ैं ूं, ओर यह िबढ़े चलरहो?" और वह अपनवतकर लगा. 44 िकर वह कहनलगा, "ा! आज ैं ांपशपकिों आहबऩूंा."

45 तब उस ििकहा, "ओर यह ा, यह तलव, बरछतथिबढरहो, मगर ैं मनहवें कर रहूं, इसएल परमवर ैं, मनिनकरतिरष्‍िै. 46 आज हवें अधकर ेंे. ैं करूंऔर िटकर अलग कर ूंा. और ैं आज ििशव पकिों और वनपशिूंि यह ि परमवर इसएल ें ैं, 47 तथयहां उपसिहर एक यकि यह अहसएगि हवि़ौधन तलवऔर बरनहीं ैं. यह हवऔर वहें हमअधकर ेंे."

48 यह नकर वह ििपर रहकरनलकआगबढ़ा. वहां ििपर हमलकरनओर ़े. 49 अपनएक पतथर िा, फन ें रख उसेंऔर वह पतथर कर ििपर लगा, और तर गहरचलगयऔर वह ि पर बल िपड़ा.

50 इस रकिफन और पतथर उस ििपर िजयगए. उनोंइनकउस ििपर िऔर उसकगई. तलवनहीं.

51 तब वह कर उस ििपर चढगए, उसकें तलवींी, उसकहतकरनिउसकिउस तलवअलग कर िा.

जब िियह ि उनकै, गनलगे. 52 यह इसएल तथयहििों धनकरतउनककरनकर िा. उनें खदतथएकरवतक पहुंे. यल िििशअरयिऔर एकपर पड़े रहे. 53 इसएलिउनककरनकर और िििििा.

54 उस िििउठकर शलगए और उसकहथिअपनें रख ि.

55 जब ििकरनरहे, ऊल उनकहर एक गतििि नपवक रहे. उनोंअपनपति अबना, "अबन, यह वक िसकै?"

अबनउततर िा, "मह, आप िरहें, यह ैं नहीं नता."

56 आदिा, "यह पतलगयह ििसकै."

57 उस ििकर टतपति अबनऊल उपसिि ें गए. इस समय ें उस िििा.

58 ऊल ा. "वक, ैं िा?"

उनें उततर िा, "आपकवक थलिै."

Veja também