स्वर्ग में विजय का यशगान
1 इसके बाद मुझे स्वर्ग से एक ऐसी आवाज सुनाई दी मानो एक बड़ी भीड़ ऊंचे शब्द में कह रही हो:
"हाल्लेलूयाह!
उद्धार, महिमा और सामर्थ्य हमारे परमेश्वर की हैं,
2 क्योंकि सही और धर्मी हैं उनके निर्णय.
क्योंकि दंड दिया है उन्होंने उस कुख्यात व्यभिचारिणी को,
जो अपने वेश्यागामी से पृथ्वी को भ्रष्ट करती रही है.
उन्होंने उससे अपने दासों के लहू का बदला लिया."
3 उनका शब्द दोबारा सुनाई दिया:
"हाल्लेलूयाह!
उसे भस्म करती ज्वाला का धुआं हमेशा उठता रहेगा."