2 वह अपने मुख के चुम्बनों से मेरा चुंबन करे!
क्योंकि तुम्हारा प्रेम दाखमधु से उत्तम है.
3 तुम्हारे विभिन्न ईत्रों की सुगंध सुखद है,
तुम्हारा नाम उण्डेले हुए इत्र के समान है;
इसलिये आश्चर्य नहीं कि तुम कन्याओं के आकर्षण का केंद्र हो.
2 वह अपने मुख के चुम्बनों से मेरा चुंबन करे!
क्योंकि तुम्हारा प्रेम दाखमधु से उत्तम है.
3 तुम्हारे विभिन्न ईत्रों की सुगंध सुखद है,
तुम्हारा नाम उण्डेले हुए इत्र के समान है;
इसलिये आश्चर्य नहीं कि तुम कन्याओं के आकर्षण का केंद्र हो.