Pular para o conteúdo
Publicidade

अय्योब 15

एलििरतिि

1 इसकएलिउदे:

2 "ििउदखलिसकतैं

तथवह पवन अपनभर सकतै?

3 वह िररथक सतों आधपर िकर सकतै? वह उन शबों रयकर सकतै?

िनकनहीं बनता?

4 मनपरमवर समिै,

तथमनपरमवर रदें िे.

5 शबों रणै,

तथमनों शबों रयिैं.

6 ुंै, ठहररहै, ैं नहीं;

शबपर आरलगरहैं.

7 "समसनव ि ें सरवपरथम जनो?

अथवपरवतों असिें आनलन षण ा?

8 ें परमवर ्‍अभिरहै?

वयतक िरखो?

9 ें ऐसै, हमें नहीं ै?

मनवह समझ िै, हम समझ ैं?

10 हममधसफियमैं,

िअधिआयैं.

11 परमवर िांवनि ें पर्‍ै,

शबमसयतवक कहगए ैं?

12 ों दय उदगयै?

ों ें चमक रहैं?

13 ि दय परमवर िगयै,

तथअब ऐसशबयरउचरहो?

14 "मना, उसरखअथववह,

, िो?

15 ो, यदि परमवर अपनपविों पर िनहीं करते,

तथवरउनकि ें नहीं ै.

16 तब मनितनिा, ितथरष्‍ै,

जल समिकरतै!

17 "यह ैं ें समझैंै;

ैं उसषणकरूंा,

18 िों बतै,

िउनोंअपनवजों ्‍नहीं रखै.

19 (िें यह रदिगय

तथउनकमधिा):

20 अपनसमसवनकें ़ा तडपतरहतै.

तथबलिसमसवरिरख िगए ैं.

21 उसकों ें आतवनिां ूंजतरहतैं;

जबकि िें िउस पर पडै.

22 उसयह िनहीं ि उसकधकिभव ै;

ि उसकियति तलवै.

23 वह जन ें इधर-उधर भटकतरहतै, यह करत, कहीं वसै?’

उसयह ि धकिवस ै.

24 दनतथिंउसभयभकर रखै;

एक आकमक समउनोंउसवश ें कर रखै,

25 ोंि उसनपरमवर ओर बढ़ाढस ि

तथवह सरवशकिमनअहरयकरतै.

26 वह परमवर ओर पड़ा ै,

उसनमजबरखै.

27 "ोंि उसनअपनहरअपनवसें िि

तथअपनांचरभरपकर ै.

28 वह उजनगरों ें िकरतरहै,

ऐसघरों ें जहां रहननहीं हता,

िनकियति डहर ि.

29 वह धनएगा, उसकपति तक उसकअधिें रही,

उसकउपज बढ़ेनहीं.

30 उसधकि ्‍ी;

उसकों लसी,

तथपरमवर वह उडएगा.

31 उततम ि वह यरों पर आशिरहे, वह वयछल ें रखे,

ोंि उसकरतिफल ा.

32 समय उसइसकरतिफल ्‍एगा,

उसकहरनहीं रह ी.

33 उसकिा, कचों लतचल ै,

ों झडै.

34 ोंि ों सभै,

रष्‍ों अगि चट कर ै.

35 उनकिों ें िपति गरभधरण करततथजनैं;

उनककरण छल जनगढरहतै."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também