12 यह इसलिये, कि मैं उन दीनों की सहायता के लिए तत्पर रहता था, जो सहायता की दोहाई लगाते थे.
तथा उन पितृहीनों की, जिनका सहायक कोई नहीं है.
13 जो मरने पर था, उस व्यक्ति की समृद्धि मुझे दी गई है;
जिसके कारण उस विधवा के हृदय से हर्षगान फूट पड़े थे.
12 यह इसलिये, कि मैं उन दीनों की सहायता के लिए तत्पर रहता था, जो सहायता की दोहाई लगाते थे.
तथा उन पितृहीनों की, जिनका सहायक कोई नहीं है.
13 जो मरने पर था, उस व्यक्ति की समृद्धि मुझे दी गई है;
जिसके कारण उस विधवा के हृदय से हर्षगान फूट पड़े थे.