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अय्योब 38:4,5,8,12,31

OHSS Hindi Contemporary Version

4 "कहां थे तुम, जब मैंने पृथ्वी की नींव डाली थी?

यदि तुममें कुछ भी समझ है, मुझे इसका उत्तर दो.

5 यदि तुम्हें मालूम हो! तो मुझे बताओ, किसने पृथ्वी की नाप ठहराई है?

अथवा, किसने इसकी माप रेखाएं निश्चित की?

8 "अथवा किसने महासागर को द्वारों द्वारा सीमित किया,

जब गर्भ से इसका उद्भव हो रहा था;

12 "क्या तुमने अपने जीवन में प्रभात को यह आदेश दिया है,

कि वह उपयुक्त क्षण पर ही अरुणोदय किया करे,

31 "अय्योब, क्या तुम कृतिका नक्षत्र के समूह को परस्पर गूंथ सकते हो,

अथवा मृगशीर्ष के बंधनों को खोल सकते हो?

Em outras traduções

  1. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    4 "जब मैंने पृथ्वी की नींव डाली, तब तू कहाँ था?

    यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे।

    5 उसकी नाप किसने ठहराई, क्या तू जानता है

    उस पर किसने सूत खींचा?

    8 "फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला,

    तब किसने द्वार बन्द कर उसको रोक दिया;

    12 "क्या तूने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी,

    और पौ को उसका स्थान जताया है,

    31 "क्या तू कचपचिया का गुच्छा गूँथ सकता

    या मृगशिरा के बन्धन खोल सकता है?

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