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अय्योब 28:12,13,20,21,28

OHSS Hindi Contemporary Version

12 प्रश्न यही उठता है कि कहां मिल सकती है बुद्धि?

कहां है वह स्थान जहां समझ की जड़ है?

13 मनुष्य इसका मूल्य नहीं जानता वस्तुतः

जीवितों के लोक में यह पाई ही नहीं जाती.

20 तब, कहां है विवेक का उद्गम?

कहां है समझ का निवास?

21 तब यह स्पष्ट है कि यह मनुष्यों की दृष्टि से छिपी है,

हां, पक्षियों की दृष्टि से भी इसे नहीं देख पाते है.

28 तब उन्होंने मनुष्य पर यह प्रकाशित किया,

"इसे समझ लो प्रभु के प्रति भय, यही है बुद्धि,

तथा बुराइयों से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है."

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  1. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    12 "परन्तु बुद्धि कहाँ मिल सकती है?

    और समझ का स्थान कहाँ है?

    13 उसका मोल मनुष्य को मालूम नहीं,

    जीवनलोक में वह कहीं नहीं मिलती!

    20 फिर बुद्धि कहाँ मिल सकती है?

    और समझ का स्थान कहाँ?

    21 वह सब प्राणियों की आँखों से छिपी है,

    और आकाश के पक्षियों के देखने में नहीं आती।

    28 तब उसने मनुष्य से कहा,

    ‘देख, प्रभु का भय मानना यही बुद्धि है

    और बुराई से दूर रहना यही समझ है।’" (व्यव. 4:6)

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