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विलापगीत 3:1-9

1 मैं वह व्यक्ति हूं,

जिसने याहवेह के कोप-दण्ड में पीड़ा का साक्षात अनुभव किया है.

2 उन्होंने हकालते हुए मुझे घोर अंधकार में डाल दिया है

कहीं थोड़ा भी प्रकाश दिखाई नहीं देता;

3 निश्चयतः बार-बार, सारे दिन

उनका कठोर हाथ मेरे विरुद्ध सक्रिय बना रहता है.

4 मेरा मांस तथा मेरी त्वचा गलते जा रहे हैं

और उन्होंने मेरी अस्थियों को तोड़ दिया है.

5 उन्होंने मुझे पकड़कर कष्ट

एवं कड़वाहट में लपेट डाला है.

6 उन्होंने मुझे इस प्रकार अंधकार में रहने के लिए छोड़ दिया है

मानो मैं दीर्घ काल से मृत हूं.

7 उन्होंने मेरे आस-पास दीवार खड़ी कर दी है, कि मैं बचकर पलायन न कर सकूं;

उन्होंने मुझे भारी बेड़ियों में बांध रखा है.

8 मैं सहायता की दोहाई अवश्य देता हूं,

किंतु वह मेरी पुकार को अवरुद्ध कर देते हैं.

9 उन्होंने मेरे मार्गों को पत्थर लगाकर बाधित कर दिया है;

उन्होंने मेरे मार्गों को विकृत बना दिया है.

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