फ़सह भोज की तैयारी
12 अखमीरी रोटी के उत्सव के पहले दिन, जो फ़सह बलि अर्पण की बेला होती थी, शिष्यों ने मसीह येशु से पूछा, "हम आपके लिए फ़सह कहां तैयार करें—आपकी इच्छा क्या है?"
26 एक भक्ति गीत गाने के बाद वे ज़ैतून पर्वत पर चले गए.
गेतसेमनी उद्यान में मसीह येशु की अवर्णनीय वेदना
32 वे गेतसेमनी नामक स्थान पर आए. मसीह येशु ने अपने शिष्यों से कहा, "जब तक मैं प्रार्थना कर रहा हूं, तुम यहीं ठहरो."
मसीह येशु का बंदी बनाया जाना
43 जब मसीह येशु यह कह ही रहे थे, उसी क्षण यहूदाह, जो बारह शिष्यों में से एक था, आ पहुंचा. उसके साथ तलवार और लाठियां लिए हुए एक भीड़ भी थी. ये सब प्रधान पुरोहितों, शास्त्रियों तथा पुरनियों द्वारा भेजे गए थे.
46 इस पर उन्होंने मसीह येशु को पकड़कर बांध लिया.