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मत्तियाह 14

15 उनकिउनकआकर कहनलगे, "यह िजन और िढल रहइसलििकर िि ांों ें कर अपनिजन-वयवसकर सकें."

16 िंउनसकहा, "उनें िकरनरत नहीं ै—उनकिजन यवसकरो!"

17 उनोंबति यहां उनकिांिां और मछलिां ैं.

18 उनें आजी, "उनें यहां आओ." 19 ों पर ठनआजांों िां और मछलिां अपनों ें कर वरओर ें उठकर जन िधनयविां ़-कर िों िऔर िों ो. 20 सभभरपा. रह गए कड़े इकटकरनपर रह करभर गए. 21 वहां ितनों जन िउनमें िों और लकों कर ों ांहज़ाी.

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