3 येशु ने उन्हें उत्तर दिया, "अपनी परंपराओं की पूर्ति में आप स्वयं परमेश्वर के आदेशों को क्यों तोड़ते हैं? 4 परमेश्वर की आज्ञा है, ‘अपने माता-पिता का सम्मान करो’15:4 निर्ग 20:12; व्यव 5:16 और वह, जो माता या पिता के प्रति बुरे शब्द बोले, उसे मृत्यु दंड दिया जाए.15:4 निर्ग 21:17; लेवी 20:9 5 किंतु तुम कहते हो, ‘जो कोई अपने माता-पिता से कहता है, "आपको मुझसे जो कुछ प्राप्त होना था, वह सब अब परमेश्वर को भेंट किया जा चुका है," 6 उसे माता-पिता का सम्मान करना आवश्यक नहीं.’ ऐसा करने के द्वारा अपनी ही परंपराओं को पूरा करने की फिराक में तुम परमेश्वर की आज्ञा को तोड़ते हो. 7 अरे पाखंडियों! भविष्यवक्ता यशायाह की यह भविष्यवाणी तुम्हारे विषय में ठीक ही है:
8 "ये लोग मात्र अपने होंठों से मेरा सम्मान करते हैं,
किंतु उनके हृदय मुझसे बहुत दूर हैं.
9 व्यर्थ में वे मेरी वंदना करते हैं.
उनकी शिक्षा सिर्फ मनुष्यों द्वारा बनाए हुए नियम हैं."15:9 यशा 29:13