येरीख़ो नगर में अंधे व्यक्ति
29 जब वे येरीख़ो नगर से बाहर निकल ही रहे थे, एक बड़ी भीड़ उनके साथ हो ली. 30 वहां मार्ग के किनारे दो अंधे व्यक्ति बैठे हुए थे. जब उन्हें यह अहसास हुआ कि येशु वहां से जा रहे हैं, वे पुकार-पुकारकर विनती करने लगे, "प्रभु! दावीद की संतान! हम पर कृपा कीजिए!"
31 भीड़ ने उन्हें झिड़कते हुए शांत रहने की आज्ञा दी, किंतु वे और भी अधिक ऊंचे शब्द में पुकारने लगे, "प्रभु! दावीद की संतान! हम पर कृपा कीजिए!"
32 येशु रुक गए, उन्हें पास बुलाया और उनसे प्रश्न किया, "क्या चाहते हो तुम? मैं तुम्हारे लिए क्या करूं?"
33 उन्होंने उत्तर दिया, "प्रभु! हम चाहते हैं कि हम देखने लगें."
34 तरस खाकर येशु ने उनकी आंखें छुई. तुरंत ही वे देखने लगे और वे येशु के पीछे हो लिए.