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मत्तियाह 21

िजय ें शलरव

1 जब शलनगर पहुंऔर ़ैपरवत पर थफमक पर आए, ों इस आजआगा, 2 "मनांें . वहां पहुंचतें एक गधिी. उसकउसकबचा. उनें लकर आओ. 3 यदि मसइस िषय ें रशकरउसयह उततर ा, रभइनकरत ै.’ वह यकि ें आजा."

4 यह घटनभवियवकगई इस भवियवि ी:

5 ़ि21:5 ज़कर 9:9 यह चनो:

रहै;

वह नमऔर वह गधपर ै,

ां, गधबच्‍पर, बच्‍पर.

6 िों आजतरह लन ि7 और गधऔर उसकबच्‍आए, उन पर अपनहरकपड़े ििऔर उन कपड़ो पर गए. 8 ें अधिांपर अपनहरकपड़े िि. अनों ़ों टहनिां टकर पर िीं. 9 आगे-आगतथे-आतलगरह

"्‍21:9 होशान्‍ना इब्री भाषा के इस शब्द का आशय होता है बचाइए जो यहां जयघोष के रूप में प्रयुक्त किया गया है!"

"धनै, वह रभें रहैं."

"सबसें ्‍ा!"

10 जब शलनगर ें रविा, नगर ें हलचल मच गई. उनकआशचरिषय ा: "यह?"

11 उनें उततर रही, "यहैं वह भवियदवका—गलु."

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