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नेहेमियाह 2

िशलशहरपनां

11 शलपहुंचकर ैं वहां िरहा. 12 ैं ें उठ गया, े. ैंयह िरकट नहीं िा, ि शलिषय ें परमवर मन ें करनिै. उस पशअलसरपशा, िपर ैं सवा.

13 इसलिें ैं टक िकलकर अजगर और ़ा टक िें आगबढ़ा. ैं शलशहरपनांकरतरहा. शहरपनऔर टक जले. 14 तब ैं झरनटक और पर पहुंा, यहां पशिआगबढमकिा. 15 इसलिैं ें शहरपनआयनकरतगया. तब ैंटक ें रविऔर गया. 16 अधििों यह पतचल सका, ि ैं कहां गययह ि ैंिा. ैंअब तक यहिों, िों, रशसकों, अधििों और िों पर, िें ें ा, नहीं बता.

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