Pular para o conteúdo
Publicidade

गणना 30

कलऔर शपथ

1 इसकइसएलिों ों रधों मनआए और उनोंउनसकहा: "हवगई आजयह ै: 2 यदि यकि हविकलै, अथववह वयशपथ कर िांै, वह अपनशपथ नहीं ़ेा. वह अपनवचनों अनकरा.

3 "यदि हविकलकरतै, वह वसें अपनिघर ें िकरतवयें ांै, 4 और उसकिउसकइस कलऔर ै, िसमें उसनवयांिै. उसकिइस िषय ें आपति नहीं ी, तब उसककलरहेंे, तथी. 5 िंयदि उसकिइन कलों नकर उनें मनकर ै, वह इन कलों नतै, उसककल, िउसनें ांधकर रखै, रभरह एगा; हवउसषमकर ेंोंि उसकिउसइनकिषय ें मनकर िा.

6 "िी, यदि उसकिगयकलएवच-वििकहगए वचन ें ििि ें उसिकरनपडै, 7 और उसकपति इस पतचल ै, िंउस अवसर पर यह ननपर उसकओर रतििनहीं ै, तब उसकिगए कलतथिबनरहेंे, िनमें उसनवयांै. 8 िंयदि उस अवसर पर उसकपति इसकपतचल ै, वह अपनपतइस िषय ें मनकर ै, तब वह अपनपतकलखतकर ा, िसमें उसनवयांिा, उसकिसमझकहगयवचन ा. हवउसइस िषय ें षमकर ेंे.

9 "िंु, यदि कलििधवितलकशिगयै, उसनितनकलों और मन्‍नतों ें ांरही,

10 "िंयदि वह िििि ें अपनपति आवें ै, और उसनकलिै, शपथ ै, 11 और उसकपति इसकपतचल ै, िंउसनइस पर उससनहीं िा, उसनउसइस िषय ें मननहीं िा, तब उसककलसदबनरहेंे, तथउसकसभिनमें उसनवयांधकर रखा, सदबनरहेंे. 12 िंयदि उसकपति इनें नतइनें खतकर ै, तब उस िगयकलएवउसकवयपर लगखती; उसकपति खतकर िगए ैं. हवउनें षमकर ेंे. 13 हर एक कलतथहर एक उसनवयिनमरखनिै, उसकपति सदिरखसकतै, खतिसकतै. 14 िंयदि तव ें उसकपति िवन ें इसकवरणन नहीं करतै, तब इसकपति अपनपतिगए कलों एवि करतै, उसनजवबदें वयपर िैं. उसनइस िषय पर अपनरतिि़ािनहीं ै. इसलियह उसकगई ि ी. 15 िंयदि उसनयह नन, इनें िो, वहअपनपतउठएगा."

16 ििां ैं, हवगई ैं, िनकपति-पतरसपरिे, तथिा-रसपरिै, जब वसतक िघर पर रह रहै.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também