12 अपने लिए धर्मीपन का बीज बोओ,
निश्छल प्रेम की फसल काटो,
और न जूते हुए भूमि की मिट्टी को तोड़ो;
क्योंकि यह समय है कि याहवेह की खोज करो,
जब तक कि वह आकर
तुम पर धर्मीपन की वर्षा न करें.
12 अपने लिए धर्मीपन का बीज बोओ,
निश्छल प्रेम की फसल काटो,
और न जूते हुए भूमि की मिट्टी को तोड़ो;
क्योंकि यह समय है कि याहवेह की खोज करो,
जब तक कि वह आकर
तुम पर धर्मीपन की वर्षा न करें.