4 "हे एफ्राईम, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं?
हे यहूदाह, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं?
तुम्हारा प्रेम सुबह के कोहरे के समान,
बड़े सबेरे पड़नेवाले ओस के समान है, जो गायब हो जाती है.
6 क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, पर दया से,
और होमबलि की अपेक्षा से नहीं, परमेश्वर को मानने से प्रसन्न होता हूं.