2 काबरकि ओकर नियाय सच्चा अऊ सही अय।
ओह ओ बड़े बेस्या ला दंड दे हवय,
जऊन ह अपन छिनारीपन ले धरती के मनखेमन ला खराप करत रिहिस।
परमेसर ह ओकर ले अपन सेवकमन के लहू के बदला ले हवय।"
2 काबरकि ओकर नियाय सच्चा अऊ सही अय।
ओह ओ बड़े बेस्या ला दंड दे हवय,
जऊन ह अपन छिनारीपन ले धरती के मनखेमन ला खराप करत रिहिस।
परमेसर ह ओकर ले अपन सेवकमन के लहू के बदला ले हवय।"