6 ओला सुरता करव—येकर पहिले कि चांदी के डोर ह कठोर हो जावय,
अऊ सोन के कटोरा ह टूट जावय;
येकर पहिले कि घघरी ह बसन्त के समय टूटके चकनाचूर हो जावय,
अऊ कुआं म पहिया ह टूट जावय,
7 अऊ धुर्रा ह भुइयां म लहुंट जावय, जिहां ले येह आय रिहिस,
अऊ आतमा ह परमेसर करा लहुंट जावय, जऊन ह येला देय रिहिस।