परमेशरो ज्ञैन
6 ज़धू हुंह तम्हां आत्मां दी सैणैं विश्वासी सेटा लै आअ, मंऐं खोज़अ तम्हां का अक्लीओ समाद, पर एही अक्ल निं ज़ुंण एऊ संसारे या संसारै राज़ करनै आल़ै का आसा ज़ुंण छ़ेक्कै आसा खतम हणैं आल़ै। 7 ज़हा अक्लीए बारै हाम्हैं खोज़ा सह आसा परमेशरे अक्ल, ज़ुंण पैहलै गुप्त ती। एते बारै निं अज़ी तैणीं कोही समझ़ पल़ी। भ्रमंड बणाणैं का पैहलै ई ती परमेशरे सोठ कि तेऊए अक्ल करै हणअ म्हारअ प्रतप्प।