1 हे मेरै भाई-बैहणीओ, टोली दी निं तम्हैं सोभै गूरू हआ, किल्हैकि तम्हां का आसा थोघ बी कि हाम्हैं गूरू हणैं होर बी खास्सै दोशी। 2 हाम्हैं सोभ करा कई बारी च़ूक, ज़ुंण आपणीं ज़िभा बशै करा, सह ई आसा सिध्द मणछ अर सह सका आपणीं सारी देही बशै करी।
3 एकी बडै घोल़ै सका हाम्हैं तेऊए नाका दी होछ़ी ज़ेही नकेल लाई करै आपणैं बशै करी। 4 एही ता हआ ज़हाज़ बडी ढिश-बागरी करै च़लाऊअ द तैबी बदल़ा ज़हाज़ो दलपति तेऊ एकी होछ़ी ज़ेही पतबारा करै च़ऊ बाखा।
5 तेही ई आसा ज़िभ एक होछ़अ ज़िहअ आंग पर अह मारा बडी-बडी डिंगा। ज़िहअ धख ज़िहै आगीए लुपल़ै करै शाचा सारै बणैं आग अर सह हआ बरैबाद। 6 ज़िभ बी आसा आगी ज़ेही, अह आसा म्हारी देहीए आंगा मांझ़ै सोभी का बूरी। अह लाआ म्हारी सारी देही दी कोहल़। अह सका म्हारी सारी ज़िन्दगी जम्परी का निखल़णैं आल़ी आगी करै बरैबाद करी।
7 सोभी रंगे बणें पशू, च़ेल्लू-पखीरू अर रिंगणै आल़ै ज़ीब, पाणीं दी हांढणै आल़ै सोभै ज़ीब सका मणछे बशै हई अर हुऐ बी। 8 पर ज़िभा निं कोहै मणछ बशै करी सकदअ, सह आसा एक एही लत्त ज़ुंण कधि निं थम्हदी, तेथ आसा इहअ बिश ज़ेता करै मौत हआ।
9 ऐहा ई ज़िभा करै करा हाम्हैं प्रभू अर बाब परमेशरे स्तोती, संघा दैआ ऐहा ई ज़िभा करै हाम्हैं तिन्नां मणछा लै फिटक ज़ुंण परमेशरे आपणैं रुपै आप्पू ज़िहै आसा बणाऐं दै! 10 एकी ई खाखा का निखल़ा शूकर अर फिटक दुहै! भाईओ, इहअ निं लोल़ी हुअ! 11 एकी सोबल़ा का मिठअ अर लूंणअ दुही रंगो पाणीं कै निखल़ी सका? 12 हे मेरै भाई-बैहणीओ, कै फेडूए बूटा दी जैतून या दाखे लऊंणीं दी फेडू लागी सका? तिहअ ई निं लूंणी सोबल़ा का मिठअ पाणीं निखल़ी सकदअ।
13 तम्हां मांझ़ै ज्ञैनी अर समझ़कार कुंण आसा? ज़ुंण इहअ होए सह करै आपणैं भलै कामां बाझ़ी घमंड किऐ अक्ल करै। 14 पर ज़ै थारै दिल कल़बिश ज़ल़ण अर सिधै आपणैं मतलब काढणें सोठा करै आसा भरै दै, इना गल्लो घमंड करी निं सत्ता झ़ुठै बणाईं करै पाप। 15 अह एही अक्ल निं परमेशरा बाखा आथी, अह आसा देही, संसारे अर राख्सा बाखा। 16 ऐहा गल्ला डाहा आद कि ज़िधी ज़ल़ण अर सिधी आपणैं ई मतलब काढणें बारै सोठ हआ तिधी हआ सोभै उपद्रभ अर हर कदुष्ट काम।
17 पर ज़ुंण अक्ल उझै का परमेशर दैआ तेता करै शिखल़ा हाम्हैं पबित्र रहणअ, होरी संघै डाहणअ मेल़-ज़ोल़, सोभी लै झणैल़ू हणअ, मज़त करनी, ज़िम्मैंबारी समझ़णीं, कहा मणछा लै भेदभाब निं करनअ अर मानदार रहणअ। 18 मेल़-ज़ोल़ करनै आल़ै लऊआ शांतीओ बेज़अ बऊई करै धर्में फसल।