24 ज़िहअ परमेशर पबित्र शास्त्रा दी बोला,
"मणछ आसा घाहा ज़िहअ
अर एते सारी शोभा आसा घाहे फूला ज़ेही,
घाहा शुक्का अर फूल बी अल़ा धरनीं।
25 पर प्रभूओ बैण रहणअ जुगै-जुगै इहअ ई बणी।"
अह आसा खुशीए समादो बैण ज़ुंण तम्हां का आसा खोज़अ द।1:25 लूक. 16:17; जोह. 1:1; ईशा. 40:8