8 खिरी बोला हुंह तम्हां सोभी लै इहअ कि तम्हैं सोभै रहा आप्पू मांझ़ै एक मन्न हई। एकी-दुजैओ डाहणअ धैन-खैल। एकी-दुजै संघै करा भाई अर बैहणी समझ़ी झ़ूरी, होरी लै हणअ झणैल़ू अर घमंड निं कधि करनअ।
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8 खिरी बोला हुंह तम्हां सोभी लै इहअ कि तम्हैं सोभै रहा आप्पू मांझ़ै एक मन्न हई। एकी-दुजैओ डाहणअ धैन-खैल। एकी-दुजै संघै करा भाई अर बैहणी समझ़ी झ़ूरी, होरी लै हणअ झणैल़ू अर घमंड निं कधि करनअ।