1 तम्हैं आसा परमेशरे पैरै लान्हैं, थारअ सभाब लोल़ी तिहअ हुअ ज़िहअ तेऊओ आसा। 2 आपणीं ज़िन्दगी ज़िऊआ होरी लै झ़ूरी करी, ज़ेही मसीहा हाम्हां लै झ़ूरी किई ज़ुंण आप्पू ई थारै पाप दूर करना लै बल़ीदान हुअ। परमेशर त खुश किल्हैकि सह बल़ीदान त तेऊ लै खुशबूदार तेला ज़िहअ।
3 ज़िहअ पबित्र लोगा लै ज़रूरी आसा, तिहअ ई निं तम्हैं बी कंज़रैई, छ़ोत लागणै आल़ै काम या मांण करनै ज़ेही निं गल्ला बी करा। 4 नां होरी संघै नशर्म गल्ला करनी, नां सुहांगा मखौल करनअ, किल्हैकि ईंयां गल्ला निं हाम्हां शोभा दैंदी। पर तम्हैं लोल़ी परमेशरा लै शूकर किअ।
5 किल्हैकि तम्हां का आसा ऐहा गल्लो थोघ कि कहा कंज़रै अर कदुष्ट मणछ या मांण करनै आल़ै मणछे, ज़ुंण मुहुर्ती पूज़णै आल़ै बराबर आसा, ईंयां इहै निं मसीहे अर परमेशरे राज़ा दी साझ़ू हणैं।
6 तम्हैं निं कुंणी इहै धोखै दी लोल़ी पाऐ कि परमेशरा तिन्नां लै सज़ा दैणीं ज़ुंण इहै पाप करा, किल्हैकि इना ई बूरी गल्ला करै पल़ा नभैऊशै परमेशरो प्रकोप तेऊ लै ज़ुंण हुकम नांईं मना। 7 तम्हैं निं तिन्नां ज़िहै पापी काम करी तिन्नां संघै साझ़ू हआ। 8 तम्हैं थिऐ पैहलै न्हैरै दी ज़िन्दगी ज़िऊंदै लागै दै, पर ज़धा ओर्ही तम्हैं परमेशरे लोग हुऐ, तम्हैं आसा ऐबै प्रैश्शै दी। तम्हां लागा ऐबै तिन्नां ज़ेही ज़िन्दगी ज़िऊंणीं ज़ुंण प्रैश्शे आसा। 9 किल्हैकि, ज़ै कुंण मणछ प्रैश्शै दी होए, तेऊ लागा भलै, धर्मीं अर शुचै काम करनै।
10 ऐहा गल्ला दैआ धैन कि प्रभू किज़ू करै हआ खुश। 11 तम्हैं निं न्हैरे पापी कामां दी साझ़ू हआ ज़ेता का किछ़ै फल निं भेटदअ। पर लोगा का रहैऊआ इना कामां कि ईंयां आसा बूरै। 12 किल्हैकि तिन्नां कदुष्ट मणछे गुप्त कामें गल्ला करनी बी आसा लाज़ शरमें गल्ला।
13 पर ज़ांऊं तिंयां कदुष्ट मणछ थारअ शोभलअ बभार भाल़ा, तिन्नों कदुष्ट बभार जाआ प्रगट हई। 14 तैही बोला लोग,
"हे सुत्तणै आल़ैआ, उझ़ू!
अर मुल्दै जैंदरा का हअ उझै भिई ज़िऊंदअ!
मसीहा दैणअ तम्हां लै तै प्रैश्शअ।"
15 तैही डाहणअ ऐहा गल्लो खैल कि तम्हैं केही ज़िन्दगी ज़िऊआ। बेसमझ़ ज़िहै निं रहा समझ़कार हआ। 16 एऊ मोक्कै समझ़ा भलाई करना किम्मती, किल्हैकि ईंयां धैल़ै आसा बूरै।
17 तैही निं बेसमझ़ हआ पर धैन लाई समझ़ा कि प्रभू तम्हां लै किज़ै बोला करना लै। 18 शूर-शराब झुटी करै राल़ै-मताल़ै निं हआ, किल्हैकि एता करै हआ मणछ नशर्म अर लापरबाह। पर परमेशरे आत्मां दैआ आपणीं ज़िन्दगी दी काम करनै।
19 ज़ै तम्हैं पबित्र आत्में बशै होए, तै करनअ आप्पू मांझ़ै भज़न अर परमेशरे स्तोती करना लै गिहा बोली अर होरी गिहा बोल्दै लागी ज़ुंण पबित्र आत्मां खोज़ा, अर आपणैं-आपणैं मन्नैं रहणअ प्रभू सम्हनै गिहा बोल्दै अर स्तोती करदै लागी।
20 सदा करनअ सोभी गल्ला लै म्हारै प्रभू ईशू मसीहे नाओंऐं बाब परमेशरो शूकर। 21 एकी दुजे डरा हेठै रहअ मानदारी संघै किल्हैकि हाम्हैं करा मसीहो अदर।
22 ओ बेटल़ीओ, आपणैं-आपणैं मर्धे डरा हेठै रहा एही कि तम्हैं समझ़ै इहअ कि प्रभूए डरा हेठै आसा।
23 किल्हैकि मर्ध आसा बेटल़ीओ मूंड, ज़िहअ मसीहा मसीही टोलीओ मूंड आसा अर टोली आसा तेऊए देही ज़ेही। सह आसा आप्पै ई तैहा देहीओ उद्धार करनै आल़अ। 24 ज़ेही विश्वासीए टोली मसीहे डरा हेठै आसा, तेही ई रहा सोभै बेटल़ी बी आपणैं-आपणैं मर्धे डरा हेठै।
25 ओ मर्धो, आपणीं-आपणीं लाल़ी संघै करा झ़ूरी, ज़िहअ मसीहा बी विश्वासीए टोली संघै झ़ूरी करी आप्पू ई हुअ तिन्नां लै बल़ीदान। 26 ताकि सह परमेशरे बैणा करै न्हैऊई शुचै हई पबित्र बणें। 27 सह हुअ टोली लै एते तैणीं बी बल़ीदान कि सह हाम्हां सोभी सिध्द करी आप्पू सेटा लै निंए, ज़हा दी किछ़ै पाप-दोश अर बूरी गल्ला निं होए, पर पबित्र अर नर्दोश होए।
28 एऊ साबै आसा इहअ ठीक कि मर्ध ज़ुंण आपणीं-आपणीं लाल़ी संघै आपणीं देही ज़ेही झ़ूरी डाहा, सह डाहा आप्पू ई लै झ़ूरी। 29 किल्हैकि कोही निं कधू आपणीं देही संघै ज़ीद किई, पर तेता धाचा-पाल़ा हेर-सभाल़ करी, ज़िहअ मसीहा टोलीए हेर-सभाल़ करा 30 किल्हैकि हाम्हैं आसा मसीहे देहीए आंगा ज़िहै।
31 ज़िहअ पबित्र शास्त्र बोला,
"मर्ध रहणअ आपणैं ईजा-बाबा छ़ाडी
आपणीं लाल़ी संघै मिली अर
तिंयां दुहै हणैं एक देही।"
32 अह आसा बडअ भेद, पर हुंह बोला इधी मसीहे अर विश्वासी टोलीए बारै। 33 पर अह गल्ल आसा तम्हां लै बी, तम्हां मांझ़ै करै हरेक ज़ण्हअ आपणीं लाल़ी संघै आप्पू ज़ेही झ़ूरी, तैही रहणअ मणछ आपणैं ईज-बाब छ़ाडी आपणीं लाल़ी संघै मिली, अर तिंयां दुहै हणैं एक देही। लाल़ी बी लोल़ी कि सह आपणैं मर्धे डरा हेठै रहे।