18 ता, हर बगत रहा अर सोभी साबै प्राथणां अर अरज़ करदै लागी ज़ेऊ साबै पबित्र आत्मां तम्हां का रहैऊआ। एता ई लै रहा बिहुदै कि सोभी पबित्र लोगा लै रहा कबल्लै प्राथणां अरज़ करदै लागी।
19 मुल्है बी रहा प्राथणां करदै लागी कि ज़ेभै हुंह बोले, प्रभू लोल़ी आप्पै मेरै मन्नैं तिंयां गल्ला पाई ताकि तिन्नां मणछा मांझ़ै मुंह हिम्मत एछे अर मसीहे खुशीए समादो भेद सोभी का खोज़ी सकूं।