मसीहे लोहूए शगती
11 पर ज़ांऊं मसीहा म्हारअ माहा प्रोहत बणी आअ, तेऊ आणी ईंयां शोभली गल्ला ज़ुंण एभै हाम्हां का आसा। तेखअ डेऊअ सह परमेशरा सेटा स्वर्गा लै, सह आसा भितरे खास पबित्र ज़ैगा ज़िहअ, पर अह निं एऊ संसारो आथी ज़ुंण परमेशरै बणाअं। अह आसा तेऊ खिम्भा का बधिया ज़ुंण मोसा गूरै ऐहा पृथूई दी बणाअं किल्हैकि सह आसा सिध्द। 12 तेऊ निं अह होरी प्रोहता ज़िहअ गाभू-छ़ेल्हूए लोहू करै किअ, पर तेऊ किअ आपणअ ई बल़ीदान करी लोहू क्रूसा दी बहाऊई करै एकी बारी खास पबित्र ज़ैगा लै डेऊई सोभिओ सदा लै छ़ुटकारअ।