22 बिधाते झींण निं कधि खतम हंदी!
ज़ै सह झणैल़ू निं हंदअ,
तै गऐ तै हाम्हैं कधू खतम हई।
23 हर धैल़ै दोत्ती सका हाम्हैं बिधातो भरोस्सअ करी,
तेऊओ सत्त आसा महान।
24 हुंह बोला दिला का इहअ,
"मेरी हर ज़रुरत आसा बिधाता, तैही रहा हुंह तेऊए आसरै।"
22 बिधाते झींण निं कधि खतम हंदी!
ज़ै सह झणैल़ू निं हंदअ,
तै गऐ तै हाम्हैं कधू खतम हई।
23 हर धैल़ै दोत्ती सका हाम्हैं बिधातो भरोस्सअ करी,
तेऊओ सत्त आसा महान।
24 हुंह बोला दिला का इहअ,
"मेरी हर ज़रुरत आसा बिधाता, तैही रहा हुंह तेऊए आसरै।"