1 भाईओ, हुंह करा तम्हां का परमेशरै झींण आद फरेऊई करै अरज़ कि परमेशरा सम्हनै करा आपणीं ज़िन्दगी ज़िऊंदै बल़ीदाना ज़िहअ पबित्र बल़ीदान अर ज़ुंण परमेशरा बधिया लागा। अह ई आसा तेऊए च़ाकरी करने असली बात।
2 एऊ संसारे मणछा ज़िहै निं हआ, थारै मन्नां बदल़णैं संघै लोल़ी थारअ च़ाल-च़लण इहअ ठीक हुअ ज़िहअ परमेशर च़ाहा। ताकि तम्हैं इहै काम करे ज़ुंण ज़ेता करै परमेशर खुश हअ अर ज़ुंण काम भलै अर सिध्द आसा।