भेदभाब करनअ हआ पाप
1 हे मेरै भाई-बैहणीओ, तम्हैं करा प्रतप्पा आल़ै प्रभू ईशू मसीहा दी विश्वास तै निं थारै मन्नैं होरी लै पक्षपात लोल़ी हुअ।2:1 आयू. 34:19; भज. 24:7-10
2 थारी सभा दी ज़ै कुंण मणछ सुन्नें मुंदल़ी बान्हीं अर नऊंऐं झिकल़ै बान्हीं दी एछे अर कुंण गरीब मणछ बी पराणैं झिकल़ै बान्हीं थारी सभा दी एछे, 3 अर तम्हैं बोले तेऊ नऊंऐं झिकल़ै आल़ै लै खास्सअ अदर करी, "तूह बेश इधी राम्बल़ी ज़ैगा अर तेऊ गरीबा लै बोले इहअ कि तूह रह इधी खल़्हुई, या इधी बेश बोरी प्रैंदै।" 4 तै इहअ करै कै तम्हैं आप्पू मांझ़ै भेदभाब निं किअ? कि तम्हैं बूरी सोठ डाही नसाफ करनै आल़ै निं हुऐ?