46 तीहया आखा एक-मन्या हय्न दाड़ीन मंदीर मे भेळा हयत्ला, अने आखान घोरे-घोरे जाय्न खुस हय्न मालीक नी खतरीन रीती मे भेसकायत्ला अने ह़ुदला मन सी भेळा हय्न खाणु खात्ला। 47 अने तीहया भगवान नो गुण गाया करता हता, अने आखा माणहु तीमनी सी खुस हता। अने जे-जे पाप मे गेथो छुटकारो हात करत्ला, तीमने मालीक ईसु दाड़ीत तीमनी ह़ाते भेसकी देत्लो।
Publicidade
Publicidade