1 साउल भगवान ना डायला पुंजारान तां ज्यो, साउल हजु बी मालीक ईसु ना चेला ने धमकी देवा अने मार नाखवा नी झींग मे पड़ र्यो हतो। 2 अने तीहयो दमीस्क ह़ेर ना युहदी ना भक्ती ना घोर ना नामे, ईसु ने मानन्या अदमड़ा अने बयरा ने बांदीन यरुसलेम लाव्वा नो हक मांग लायो।
3 पण जतो-जतो साउल दमीस्क ह़ेर धेड़े पुग्यो, ता उचकाहलुत ह़रगे गेथु तीनी च्यारो-मेर वीजाळु भबळ्यु। 4 तीहयो साउल धरती पोर पड़ ज्यो, अने तीने आसम केतलो एक बोल ह़मळायो "साउल! साउल! तु मने काहा वेला पाड़े?"
5 साउल केदो, "मालीक! तु कोय से?" साउल ने पासो जपाप जड़्यो, "मे ईसु से; जीने तु वेला पाड़ र्यो। 6 पण हाव तु उठीन ह़ेर मे जा, अने तने जे करवा जोवे तीहयु, मे तने देखाड़ देही।"
7 जे माणहु साउल भेळता हता, तीहया तेमेत उबा हय्न देखतात र्या; काहाके तीहया बोली ते ह़मळता हता, बाखीन तीमने कोय बी देखाव नी पड़्यु। 8 अळतेण साउल धरती पोर गेथो उठ्यो, अने डोळा उगाड़्यो पण तीने अमाळ बी नी देखायु। एतरे तीना ह़ाती तीनो हात धरीन तीने दमीस्क ह़ेर मे ली ज्या। 9 अने तीहयो तीन दाड़ा लग आंदळो बणीन र्यो, अने तीहयो तीन दाड़ा लग खाणु बी नी खादो अने पाणी बी नी पीदो।
10 दमीस्क ह़ेर मे हनन्या! नाम नो ईसु नो एक चेलो रेतो हतो। मालीक ईसु तीने देखावा पड़ीन केदो, "ए हनन्या!" तीहयो हनन्या केदो, "होव, मालीक मे ह़मळी र्यो।"
11 ता मालीक तीहया हनन्या ने केदो, "उठीन, ह़ुदी नाम नी गळी मे जा, अने यहुदा ना घोर मे जाय्न तरसुस मे रेण्या साउल ना बारा मे पतो लगाड़ ले; काहाके तीहयो भगवान पांह वीन्ती करवा बाज र्यो। 12 अने तीहयो आहयु देखलो से के ‘आहयो अळी पासो देखवा बाज जवा जोवे’ करीन हनन्या नाम नो एक अदमी मोय आवीन मारा मुंडा पोर हात मेक र्यो।"
13 हनन्या वात टाळतो जाय्न जपाप आप्यो, "ए मालीक! मे झाजला माणहु पांह गेथो आना बारा मे ह़मळी र्यो की तीहयो अदमी यरुसलेम मे तारा चोखला माणहु ने घण जुदो वेला पाड़ीन दमलो से। 14 अने ‘जे माणहु तारा नाम पोर भरहो करे, तीमने आखा ने बांदीन ली आव्वा जोवे।’ करीन हीने भगवान ना डायला पुंजारा पांह गेथो हक जड़लो से।"
15 पण मालीक ईसु, हनन्या ने केदो, "तु जत रे! काहाके मे हीने आखा आड़जात्या माणहु अगळ, अने राजा अगळ, अने ईस्रायली जाती ना माणहु अगळ मारु नाम उजन्तु करवा करीन टाळलो से। 16 अने मारा नामे हीने केतरा मन दुख झेलवा पड़हे, तीहयी वात मे देखाड़ही।"
17 ता हनन्या तां गेथो उठीन साउल हतो तां ज्यो, अने घोर मे जाय्न साउल पोर हात मेकीन केदो, "ए भाय साउल, तु पासो देखवा बाज जाय करीन अने चोखली आत्मा तार मे पुरीन-पुरी भराय जवा जोवे करीन, मालीक मतलब ईसु, मने तारीन्तां मोकल्लो से, जे तने वाट्ये देखावा पड़लो।" 18 अने तत्यारुत साउल ना डोळा मे गेथा छोल्टान तेवा कंय पड़्या, अने तीहयो पासो देखवा बाज ज्यो अने उठीन पाणी मे बपतीस्मा लेदो; 19 अने तीहयो साउल दमीस्क मे रेण्या ईसु ना चेला ह़ाते थोड़ाक दाड़ा र्यो। 20 अने अळतेण तीहयो उतवाळ्यो युहदी माणहु ना भक्ती ना घोर मे जाय्न ईसु नु परच्यार आसम कीन करवा बाज ज्यो के "ईसुत भगवान नो बेटो से।"
21 अने आखा ह़मळन्या वहराय्न केवा बाज ज्या, "आहयो तीहयोन-तीहयो माणेह नी हय ह़ु, जे यरुसलेम मे ईसु नु नाम लीन वीन्ती करन्या ने जलमकात खुटाड़वा नी कोसीस करतो हतो? अने हीय्यो आञे बी आनीन करतेत आवलो हतो के तीमने धरीन भगवान ना पुंजारान्तां ली जाय तेम।"
22 बाखीन साउल नो जोर अळी बी वदतो ज्यो, अने तीहयो पुरावो दी-दीन आहयु केतो हतो के ईसुत मसी से। आसम करीन तीहयो दमीस्क मे रेण्या युहदी माणहु नी बोलती बंद करतो र्यो।
23 जत्यार ढेरेत दाड़ा वीत ज्या, ता युहदी माणहु मेळीन तीने मार नाखवा नी जाळसादी बणाया। 24 बाखीन साउल ने तीमनी जाळसादी ना बारा मे पतो चाल ज्यो। तीहया ते साउल ने रात-दाड़ो मारवा करीन ह़ेर ना झापला पोर पेहरा दी र्या हता। 25 पण राते साउल ना चेला साउल ने ली जाय्न चार्या मे बहाड़्या, अने ह़ेर ना च्यारो-मेर वाळा भीतड़ा पोर गेथा चार्या हेटा उतारीन नहाड़ देदा।
26 जत्यार साउल यरुसलेम पुग्यो, ता तीहयो ईसु ना चेला ना टोळा मे भेसकायवा कर्यो, पण तीहया आखा तीने देखीन बीहता हता, काहाके तीमने भरहो नी हयो के आहयो बी ईसु नो ह़ाचलीन चेलो बण जेलो से। 27 पण बरनाबास, साउल ने ईसु ना नेवताळान्तां ली जाय्न तीमने केदो के, साउल ने मालीक वाट्ये देखाव पड़्यो अने तीनी ह़ाते वात करलो से, अने आहयो साउल दमीस्क ह़ेर मे बीह्या वगर ईसु ना नाम नो परच्यार करलो से। 28 अळतेण साउल यरुसलेम मे चेलान्तां आवतो-जतो र्यो, अने तीहयो बीह्या वगर मालीक ना नाम नु परच्यार करतो र्यो। 29 अने तीहयो ईब्रानी बोली बोलन्या युहदी ह़ाते वात मे जखड़ी पड़ र्यो; पण तीहया तीने मार नाखवा नी कोसीस कर्या। 30 जत्यार साउल ना भाय-बेटा ने पतो चाल्यो ता तीहया तीने केसर्या ह़ेर मे लीत्ती र्या अने अळतेण तीने तरसुस मोकली देदा।
31 तीहयी टेमे आखा युहद्या जीला मे, अने गलील जीला मे, अने सामर्या जीला मे ईसु नी मंडळी ने सुक-सांती जड़ी, अने ईसु नी मंडळी मे नवला माणहु जोड़ायता ज्या; अने तीहयी मंडळी मालीक ईसु नी बीक मे अने चोखली आत्मा मे वदती जती हती।
32 पतरस तीहया आखा परगणा मे फीरी-फीरीन, लुद्दा मे भगवान ना चोखला माणहु ने भेटवा ज्यो। 33 तां तीने एनीयास नाम नो एक माणेह भेट्यो, तीहयो आंठ साल लग गोदड़ा मे पड़ र्यो हतो। काहाके तीने लखवो दुख हात लाग रेलो। 34 पतरस तीने केदो, "एनीयास! ईसु मसी तने आरगो करे। उठ अने तारु गोदड़ु उचल।" अने तीहयो तत्यारुत उठीन उबो हय ज्यो। 35 अने अळतेण लुद्दा अने सारोन मे रेण्या माणहु तीहया आरगो हयला माणेह ने देख्या अने तीहया मालीक ईसु पोर भरहो करीन मान लेदा।
36 याफा मे तबीता मतलब दोरकास नाम नी ईसु नी एक चेली रेती हती। तीहयी घण-जबर बीजा नी भलाय करत्ली अने गरीब ने दान आप्या करत्ली। 37 तीहया दाड़ा मे तीहयी मांदी पड़ी अने मर जी; अने माणहु तीना धोड़ ने उंगळावीन उपरी पोर वाळा कमरा मे ली जाय्न मेल देदा। 38 लुद्दा याफा गेथु नाम्बे नी हतु, एतरे चेला आहयु ह़मळ्या के पतरस याफा मे से ता तीहया बे अदमी ने मोकलीन तीने आहयी वीन्ती कर्या के "तु छोटो अमारीन्तां आव, अने वार ना लगाड़े।" 39 पतरस तत्यारुत तीमनी ह़ाते चाल पड़्यो अने जत्यार तीहयो याफा मे पुग्यो, ता माणहु तीने उपरी पोर ली ज्या; अने आखा रंडायला बयरा रड़ता जाय्न तीनी च्यारो-मेर उबा हय ज्या; अने जे डगला अने लुगड़ा दोरकास तीमनी ह़ाते रीन बणावली हती, तीहया डगला अने लुगड़ा देखाड़वा बाज ज्या। 40 ता पतरस आखा ने बारो मोकली देदो, अने मांडा टेकीन भगवान पांह वीन्ती कर्यो; अने धोड़ भणी फीरीन भाळीन केदो, "ए तबीता उठ।" तत्यार तीहयी आह़फी ना डोळा उगाड़ देदी, अने पतरस ने देखीन उठीन बह जी। 41 पतरस तीने ह़ात धरीन उठाड़्यो, अने चोखला माणहु ने अने रंडायला बयरा ने बोलावीन तीने जीवती जागती तीमनी अगळ उबी कर देदो। 42 आहयी वात आखा याफा मे फेल जी, अने ढेरेत माणहु मालीक ईसु पोर भरहो कर्या। 43 अने पतरस थोड़ाक दाड़ा लग याफा मे सीमोन नाम ना एक चमायड़ान तां र्यो।