29 ए मालीक हाव, तु ईमनी धमकी ने देख, अने तारा गुलाम पावर्या ने आहयो वाटो आप के तीहया तारा बोलु ने बीह्या वगर पुरु मन लगाड़ीन ह़मळावे तेम। 30 अने तु माणहु ने आरगा करवा करीन आह़फा नो हात अगो कर; अने तारा चोखला पावर्या ईसु ना नामे, सेलाणी अने सेल-भात्या जुदा-कामु देखाड़।
31 तत्यार तीहया भगवान ह़ाते वीन्ती करीन नवराय ज्या, ता तीहयो जागो, जां तीहया भेळा हय रेला, हील पड़्यो, अने चोखली आत्मा तीमनी मे पुरीन-पुरी भराय्न तीमने कब्जा मे कर लेदी, अने तीहया हीम्मत सी भगवान ना बोल माणहु ने ह़मळावा बाज ज्या।