16 मे वीन्ती करु के तीहयो आह़फा ना बड़ाय ना धन ना अनसारे तमने आहयु दान आपे के तमु तीनी आत्मा सी आपणा मोय वाळा माणेह मे ताखत हात करीन जोरभर्या हयता जावो; 17 अने भरहा नी लारे मसी तमारा मन मे वहे। अने मे वीन्ती करु के तमु मोंग मे जेड़ धरीन अने नीव नाखीन,