1 आहयी वात ते ह़ाचली से, के जे पुडार्या बणवा हींडे, तीहयो भला काम नी हेर करे। 2 आहयु जरुड़ी से के डायलो वण-गुनाळ्ळो, अने एकीत बयर नो घोरवाळो, अने आह़फा ने कब्जा मे राखण्यो, ह़ोयाळ्ळो वेहवार करवा वाळो, अने पोरणा नी आव-भाव करवा वाळो, अने हुनर सी ह़ीकाड़वा वाळो रेवा जोवे। 3 छाकवा वाळो नीता ठोकवा वाळो नी रेवा जोवे; पण भोळो हय, अने नी झगड़ो करवा वाळो, अने नी धन नो लालच्यो हय। 4 तीहयो आह़फा ना घोरल्या नी वारु देख-रेख करतो हय, अने तीना सोरा-सोरी तीनी वात मानीन तीना हक मे रेता हय। 5 जत्यार कोय आह़फात ना घोर नो जुगाड़ करवा नी जाणतो हय, ता भगवान नी मंडळी नी रखवाळी कीकम करहे? 6 तीहयो भरहा मे पक्को रेवा जोवे, नीता घमंड आय जहे ता भुतड़ान तेम डंड जड़े। 7 अने बाहर वाळा मे बी नामह़ाद्यो हये आसम नी हयवा जोवे के तीहयो वकाळ्ळो हय्न अने तीहयो भुतड़ा ना फंदा मे फस जाय।
8 तेमेत भगवान ना चाकर्या ने बी नामह़ाद्या रेवा जोवे, ह़ोवकारला, अने छाकवा वाळा, अने रीकामी कमाय ना लालच्या नी रेवा जोवे। 9 तीहयो चोखलु मन मे भरहा नी सच्चाय नी वात ने बचाड़ीन राखे। 10 अने आहया आखा ने बी पेले पारखो, कदीम वण-गुनाळ्ळा नीकळे ता चाकर्या नु काम करे। 11 आखा बयरा पुरी रीती सी होगा रेवा जोवे, गुनो लगाड़वा वाळी नी रेवा जोवे, पण जाळवीन अने आखी वाते भरहा ना लायक रेवा जोवे। 12 चाकर्यो एकीत बयर नो लाडो रेवा जोवे, अने सोरा-सोरी ने अने आह़फा ना घोरल्या जुगु वारु जुगाड़ करवा वाळो रेवा जोवे। 13 काहाके जे बी चाकर्या नु काम वारु रीती सी पुरु करला से, तीहया आह़फाम नी जुगु ते एक वारु जागो हात करहे, अने तीहया भरहा मे जे मसी ईसु पोर से, अळी बी जादा हीम्मत जड़ जहे।
14 मे तारीन्तां छोटोत आव्वा नी आह कर र्यो, ते बी आहयी चीट्ठी तार जुगु आनीन करते लीखु, 15 के कदीम मारी आव्वा मे वार हय, ता तु आहयी चीट्ठी सी जाण लेजे, के भगवान ना घोरल्या मे जे जीवत्ला भगवान नी मंडळी से अने सच्चाय नो खम्बो अने नीव से, तु जाण लेजे के केवो वेहवार करवा जोवे। 16 आनी मे कंय बी सणक्या नी हय, के आहयी भक्ती नी ह़तायली वात घणी जुदी से,
मसी ईसु डील मे उजन्तो हयो,
अने आत्मा मे धरमी ठेर्यो,
ह़रगदुत ने देखाव पड़्यो,
आखा देसु ना माणहु मे तीनु परच्यार हयो,
आहयी कळी मे माणहु तीनी पोर भरहो कर्या,
अने तीहयो बड़ाय भेळ ह़रग मे उचलाय ज्यो।