1 पण चोखली आत्मा घण वारु केय के आव्वा वाळी टेम मे केतरा माणहु भटकाड़वा वाळी आत्मा अने भुत नी ह़ीकापण पोर मन लगाड़ीन भरहो करीन भटक जहे। 2 आहयु तीहया झुटा ढोंगड़ा करन्या माणहु ना कारण सी हयहे, जीमनु मन मर जेलु से के धपत्लु लुहड़ु वेर डामलु हय। 3 आहया माणहु वेवा करवा सी रोके, अने खावा नी थोड़ीक चीज गेथा सेटा रेवा नो हुकम आपे; जीने भगवान आनी लेदे बणायो के भरहो करन्या माणहु, अने सच्चाय ने ओळखवा वाळा भगवान ने घणो वारु से कीन अने वीन्ती करीन खाय। 4 काहाके भगवान नी बणावली आखी बी चीज वारली से: कानी बी चीज नीकारो करे एवी नी हय; पण आसम के भगवान ने घणो वारु कीन खावा जोवे। 5 काहाके भगवान ना बोलु सी अने वीन्ती करवा सी आखु खावा नु चीज चोखु हय जाय।
6 कदीम तु आखा भरहो करन्या भायु ने आहयी वात नी फोम करावतो रेही, ता मसी ईसु नो वारलो चाकर्यो ठेरही: अने जे भरहा, अने जे वारली ह़ीकापण नी वात सी, जे तु मान्तो आय र्यो, तारो पाळण-पोसण हयतो रेहे। 7 पण वीटळ्ळी अने डोकर्या नी काहणी सी अलग रे; अने भक्ती करवा ह़ीक। 8 काहाके डील सी ह़ीकाड़वा सी कम फायदो हये, पण भक्ती आखी वाते फायदो करवा वाळी से, काहाके आहयी टेमे नी जीवाय अने आव्वा वाळी जीवाय ना बी वायदा आनीत करते से। 9 आहयी वात ह़ाचली अने भरहो करे एवी अने आखी भाते माने एवी से। 10 काहाके आपणु काठु काम आनीन करते करया, के आपणी आह तीहया जीवत्ला भगवान पोर से; जे आखा माणहु नो, अने खास करीन आखा भरहो करन्या माणहु नो छुटकारो आपण्यो से।
11 तु आहयी आखी वात नो हुकम आप, अने तु ह़ीकाड़तो रे। 12 कोय बी तारी जुवानी ने हेटी नी ह़मजवा जोवे; भगवान ना बोल, चाल-चलण, मोंग भरहा, अने चोखलापणा मे भरहो करवा वाळा जुगु ईज्जत बण जा। 13 मने आवते लग तु पाट भणवा अने ह़मजाड़तो रे, अने ह़ीकाड़वा मे लागलो रे। 14 तीहयो आत्मा ना ईलाम सी अंजाणो ना बणे, जे तारी मे से, अने मंडळी ना आखा पुडार्या हात मेकवा नी टेमे तने भगवान वगे गेथो जड़लो से। 15 तीहयी आखी वात ने सोच मे राख, अने तीनी मे तारो आखो धीयान लगाड़, काहाके तारी बड़ोत्री आखा पोर उजन्ती हये। 16 अने आह़फा नी अने आपणी ह़ीकापण नी रखवाळी कर। आहयी आखी वात पोर टेकलो रे, काहाके कदीम तु आसम करतो रेही, ता तु अने तारी ह़मळवा वाळा बी तारा कारण सी छुटकारो हात करहे।