26 तीहयी घणी दुखी हती अने दाकतर्या मे ईलाज करावी-करावीन आखा पय्हा खरचो कर देदली। ते बी वारु नी हयी। पण अळी जादा मांदी हय जी।
26 तीहयी घणी दुखी हती अने दाकतर्या मे ईलाज करावी-करावीन आखा पय्हा खरचो कर देदली। ते बी वारु नी हयी। पण अळी जादा मांदी हय जी।