14 तमु आहयु नी जाणता के वाणे ह़ु हयहे। ह़मळी ते लेवो, तमारी जीवाय ह़ु से? तमु ते धुंमरु ह़रकी से, जे थोड़ीक वार देखाव पड़े, अने उलुप हय जतलु। 15 एतरे तमने ईसम केवा जोवे के "कंखर माय्न मालीक नी मरजी हहे, ता जीवत्ला रेहु, अने आहयु काम नीता तीहयु काम करहु।"