1 ए मारा भायु, बेन्या तमारी मे आखा ह़ीकाड़वा वाळा ना बणो, काहाके जाणीया के ह़ीकाड़वा वाळा वदु गुनेगार गीणायहे। 2 काहाके आमु आखा घणी कावा हुक जत्ला; अने जे बोल बोलवा मे नी हुकत्ला तीहया ते खरला माणेह से अने आखा डील ने बी कब्जा मे राख सके। 3 जत्यार आपणु घोड़ा ने कब्जा मे करवा करीन तीना मोडा मे लगाम पेराव्वा पड़े। तात, घोड़ो बंदाय। अने आपणु तीने, जां लीजवा हय तां ली जाय सकया। 4 जरीक वीच्यार करो! दर्या मे चालन्यु ढुंड्यु बी घणु मोटु रेय। दर्या मे घण-जबर चालवा वाळी आंजी मे तीहयु एथुन-एथु फीर जाय। ते बी एक नान्ला हींडल ना लारे ढुंड्यु चलाड़न्यु आंजी मे ढुंड्या ने जां लीजवा हय तां लीत्ती रेय।
5 तेमेत जीप बी आपणा डील नो नानुह एक अंग से, ते बी मोटी-मोटी वात करवा मे कुहराये नी। पण आहयी जीप नी लेदे, आक्ठु ना तीणगा ना बारा मे वीच्यार करो! आहया तीणगा नी लारे बड़ा मे हुड़ु-हुड़ु आक्ठु लाग जाय। 6 होव जीप बी एक आच से, आहयी बुराय नी एक आखी कळी से, आहयी जीप आपणा डील नो एक एवो अंग से जे आखा डील ने बगाड़ देय। अने अमारी आखी जीवाय मे आक्ठु लगाड़ देय, आहयी जीप नरक नी आक्ठी सी धपती रेय।
7 आहयी कळी मे वाळा भात-भाती ना जंगली जानवरु ने, अने पाणी मे चालवा-फीरवा वाळा जानवरु ने, अने भात-भाती ना चड़ा ने, अने धरती पोर घहड़ाय्न चालन्या भात-भाती ना जानवरु ने माणहु बदाड़ सके, अने घण झाजा जानवरु ने बदाड़ बी लेदला से। 8 माणहु नी जीप ने कोय बी माणेह बदाड़ नी सके। जीप मे गेथा नीकळवा वाळा खोड़ला बोलु ते कुहराय ने उबजाड़े। ह़ाचली ने जीप, जीव ली लेय, एसवी जेहर ह़ारकी से। 9 आहयी जीप सी आपणु मालीक भगवान बाह नी बड़ाय करीया, अने आहयी जीप सी भगवान ना रुप मे घड़ायला माणहु ने सराप आपीया। 10 एकीत मोडाम गेथु आपणु सराप बी आपीया अने भगवान घणु वारु बी कीया। ईसम हयवा वारु से ह़ु? ए मारा भायु अने बेन्या ईसम नी केजो। 11 एकीत झोर मे गेथु गळ्ळु अने खारलु पाणी नकळी सके ह़ु? 12 ए मारा भायु! अने बेन्या गुलर ना झाड़ पोर जेतुन नो फोळ लाग सके ह़ु? आने रीते खारला पाणी ना झोर मे गेथु गळ्ळु पाणी नी नीकळे। घोड़ा पोर बहीन जाय
13 तमारी मे ईसम कोय से, जे आह़फा ने अक्कल वाळु अने जाणकार ह़मजे? जे ईसम हय, तीहयो आह़फी खरली अक्कल नी लारे पुरावो देणु जोवे। अने आहयी अक्कल ने बीजा ह़ाते वारु वेहवार नी अने काम नी लारे उजन्ती करवा जोवे। 14 पण कंखर माय्न तमु आह़फा-आह़फा मन मे खार राखीन कुहराय अने बीजा गेथा मोटा बणवा हींडो, अने आह़फा बारा मे आहयु कीन सच्चाय नी वीरोद मे झुट मेक र्या के आमु जाणकार अने अक्कल वाळा से। एतरे तमु झुट मेकवा सोड़ देवो। 15 एसवी अक्कल उपर ह़रग गेथी नी आवे, पण आहयी कळी ना माणहु नी से। एसवी अक्कल भगवान नी आपे, पण भुतड़ा वगे गेथी आवे। 16 जां ह़ारीक माणहु एक-बीजा पोर कुहराये, अने बीजा गेथा मोटा बणवा नी हेर करे, तां ह़ारीक आखी भाती ना कुहरायला कामु अने झगड़ा हये। 17 पण जे अक्कल भगवान उपर गेथी आपे, तीहयी अक्कल खास चोखली से। एतरे जीने आहयी अक्कल जड़ली से तीहया माणहु, बीजा ह़ाते मेळाका रेय, अने ह़ुवाळा-ह़याळा रेय, अने बीजा नी वात बी मानवा तीयार रेय। अने बीजा ना भलाय ना काम करता रेय। तीहया ते ढोंगड़ा नी करे, अने कोयनी छीट राखीन कोयनी वगे नी वळे। 18 जे मेळ कराव्वा वाळा रेय, तीहया बीजा ने बी मेळाका बणाय देय, अने ईसम करीन तीहया आखा मेळीन धरम नो काम करीन जीव्वा बाज जाय। जे वारलुत वेरे, अने वारलुत वाडे।