भरोसा को साजरो कुस्ती11 पर अरे परमेस्वर को जन! तु एना गोस्टी गीन लक पराय अना धरम भक्ती बिस्वास पिरेम धीरज अना नरमता ला मंघा करो।
भरोसा को साजरो कुस्ती11 पर अरे परमेस्वर को जन! तु एना गोस्टी गीन लक पराय अना धरम भक्ती बिस्वास पिरेम धीरज अना नरमता ला मंघा करो।