41 उनमा लक लगतसा लोकगिन ना ओको सन्देस ला आयक के बिस्वास करीन, उनला बपतिस्मा दियो गयो, असो परकार वोना दिवस उनको समूह मा, लगभग तीन हजार मानूस अखिन जूड़ गइन।
भरोसा करनवालो गीन की संगति करनो
42 वय लोक गिन पेरीतगीन लक सिक्सा पावनो अना संगती राखनो अखीन जेवन करनो मा लगयो रहिन। 2:42खाना खानो। 43 अना पेरीतगिन को लक अचरज को काम अना मोठयो-मोठयो काम होवत रहयो। अखिन हरेक मानूस अचँभित भेव लक भर गइन। 44 अना सबच बिस्वासी लगातार संगती बनायो राखत होतिन। अखीन उनको जवर जोन काही जीनुस होतो वोला वय आपसी मा बटवार करत होतिन।2:44 पेरीत 4:32-35 45 वय अपरी-अपरी सम्पित अना चीज ला बीकत होतिन। अना वोको लक जोन पैसा भेटेत, उनकी जरुरत को अनुसार बाट देत होतीन। 46 वय हर दिवस मंदिर मा समूह मा मिलत होतिन। वय आपरो घरगिन मा संगमा जेवन बाट-बाट के अना सरल मन लक खुसी लक, मिलजुल के जेवत होतिन। 47 हर रोज पिरभु उनला समहू मा जोड़त होतो। सबा लोक गिन साजरा भावना को मजा लेवत हुयो, वय परमेस्वर को पिराथना करत होतीन अखीन जोन हररोज बचावत जात होतिन उनला समूह मा मिला लेवत होतिन।