44 तुमी आपरो अजी सैतान कन लक सेव, अना आपरो अजी को लालसा ला पूरी करनो चाव्हासेव। उ ता सुरू लक खूनी से, खराई लाय सच्चो नही रव्हे। काहे की सच ओमा नहाती, जबा उ झुठो सांगासे ता आपरो आचरन च लक सांगासे, काहे की उ झुठो से, अना झुठो को अजी से।
44 तुमी आपरो अजी सैतान कन लक सेव, अना आपरो अजी को लालसा ला पूरी करनो चाव्हासेव। उ ता सुरू लक खूनी से, खराई लाय सच्चो नही रव्हे। काहे की सच ओमा नहाती, जबा उ झुठो सांगासे ता आपरो आचरन च लक सांगासे, काहे की उ झुठो से, अना झुठो को अजी से।