59 आठवा दिवस टूरा को खतना1:59 नाव रखना को बेरा आयो। तब लोकगीन वोको नाव वोको बाबूजी जकरयाह को नाव पर, राखन चाव्हत होतीन। 60 पर वोको माय ना सांगीस, नही, एको नाव योहन राखबिन।
61 तब वोना लोकगीन कव्हन लगीन, तुम्हारो कुटुम्ब मा, कोनी को असो नाव नहात। 62 तब लोकगीन ईसारा करके वोको बाबूजी लक पुसन लगीन, उ का नाव राखन चाव्हसेस।
63 वोना पाटी मागंके ओमा योहन नाव लिख्यो। 64 वोच बेरा मा, जकरयाह को जुबान खुल गयो, अखीन उ परमेस्वर को धन्यवाद करन लगयो।