1 आखरी मा ओ भाऊगीन, आमरो लाई पिराथना करने की पिरभु को गोस्टी असी बढ़े अना बड़ाई पाहे, जसो तुममा भयो सेत। 2 अना आमी तिरपट अना बुरो मानूस लक बचया रहबीन काहेका हरेक मा भरोसा नहाति।
3 पर पिरभु भरोसा को काबिल सेत, उ तुमला पक्को रिति लक उभो करेत। अना वा बुरो दुस्ट लक बचायके राखेत। 4 आमीला पिरभु मा तुमरो पर भरोसा से की जोन-जोन हुकूम हमी तुमला देसेजन, ओला तुमी मान सेव। अना तुमी सचमा मानतो रव्हबिन।
5 परमेस्वर को माया अना मसीह को धीरज को कन, पिरभु तुमरो मन ला आन कन जाय।
6 ओ भाऊ आमी तुमला आपरो पिरभु यीसु मसीह को नाव लक हुकूम देसेजन की तुमी हर कोनी एक असो भाऊ लक दुर रवहने जोन बिगड़ी चाल जसो चाल चलन मा रव्हसे जोन सिक्सा ला ओना आमी लक पाइसे ओको जसो नही करासे। 7 काहेका तुमी आपच जान लेईसेव की कोनी रिती लक आमरी जसी चाल चलनो चाव्हसे। काहेकि कोनी आमरो बीच लक आलसी को जसो चाल नोको चलो। 8 काहेका कोनी ना फुकट मा जेवन नही जेविन पर मेहनत करीन। अना दुख भोग के रात दिवस मेहनत को काम धँधा करयो, का कोनी लाई बोझ नही होय। 9 असो नही से की हमला हक नही होतो, पर एकोसाठी का खुदला तुमरो लाई नमुना बनाय गया की तुमी आमरो जसी चाल चलो। 10 काहेकि जब आमी तुमरो यहान होता तबा यो हुकूम तुमला साँगत होता की अदी कोनी काम नही करासे, ता वा जेवन नही जेवनो पाहेत।
11 आमी ना आयकीसेजन की तुमरो यहान कोनी-कोनी बेकार की चाल चलसेत अना काही काम काज नही करत पर "आयतो मा रेड़ा" सियानो बनसेत। 12 असो गीन ला आमी पिरभु यीसु मसीह मा हुकूम देके, सीखा सेजन की चूपचाप रहके काम करके आपरो रुजुक भाकर कमाय अना जेवन करे।
13 तुमी अगो भाऊ साजरो करनो मा हिम्मत नोको छोड़ने।
14 अदी कोनी आमरी येने चिठ्ठी की गोस्टी नही मानेह ता ओको पर नजर राखने, अना ओको संगति नही करने। जोको लक की उ लजाय जाहेती। 15 पर ओला बैरी नोको समझने, पर भाऊ जानके ओला चेताय देव।
16 अबा पिरभु जो सान्ती को राखन वालो से आपच तुमला सदा अना हर परकार लक सान्ती देहे। पिरभु तुमरो सँग रह।
17 मी पौलुस आपरो हात लक नमस्कार लिखयो सेउ। सबच चिठ्ठी मा मोरो योच चिन्हानी से; मि योच रिती लक लिखसू।
18 अता पिरभु यीसु मसीह को किरपा तुमरो पर होवत रह।