61 दुसरो ना कव्हयो," हे पिरभू मि आपरो घर लक बिदाई लेके आवासेऊ, तबा मी तोरो मंघा आँहू"
62 यीसु ना कव्हयो," जो नांगर को मुठ मा हात धरके ना, मंघा चोवासे वो परमेस्वर को राज मा काबिल नहात। "
61 दुसरो ना कव्हयो," हे पिरभू मि आपरो घर लक बिदाई लेके आवासेऊ, तबा मी तोरो मंघा आँहू"
62 यीसु ना कव्हयो," जो नांगर को मुठ मा हात धरके ना, मंघा चोवासे वो परमेस्वर को राज मा काबिल नहात। "