याईर की मरी टूरी अना एक रोगी बायका
21 जबा यीसु मंग नाव लक ओनागन गयो ता एक मोठी भीड़ ओको जवर आयी, अना उ झील को जवर होतो। 22 अना याईर नाव को सभाघर को मुखिया मा लक एक मानूस आयके, ओको पाय पड़न लगयो। 23 अना ओना यो साँगके बिनती करन लगयो, की "मोरी नहानी टूरी मरन पर से, तु आयके ओको पर हात राखजो ता वा साजरी भई जाय अना जित्तो रव्हे।"
24 तबा उ सँग गयो अना मोठी भीड़ ओको मंघा भई गई यहान तकन की लोकगीन ओको पर गिरत पड़त होती।
25 अना एक बायको जोनको बारा बरस लक लाल धोवा5:25खून बहने की बिमारी जावत होती। 26 अना जेना बइद गीन लक लगत दुख उचलीस होतीस, अना आपरो सब काही खरच डाकिस पर काही फायदा नही मिलयो होतो, पर अखीन रोग बढ गयो होतो। 27 यीसु को चरचा आयक के भीड़ मा लक ओको मंघा आई अना कपरा को पल्लु ला छिवलेइस। 28 काहेकि उ कव्हत होती "अदी मि ओको कपरा को पल्लु5:28 झालर ला च छिव लेहु तो साजरी भई जाहु।"
29 अना गदने ओको रकत बहनो बंद भई गयो। अना ओना आपरो देह मा जान लेइस, की मि ओना बीमारी लक साजरी भई गई सेव। 30 यीसु ना गदने आपरो मा जान गयो, की मोरो लक ताकत हिटी से, अना भीड़ ला मुरकके पुसिस, "कोन से जेने मोरो कपरा को पल्लु ला छुवीस?"
31 ओको चेला ना ओला कहिन "तु चोवसेस की भीड़ तोरो पर गिर पड़ से, अना तु कव्हसेस; की कोन ना मोला छुईसेस?" 32 तबा ओना ओला चोवन लाई चवतरफा नजर दौड़ाइस। 33 तबा वा बायको यो जानके की मोरी कसी भलाई भई से डरात अना कापत आयी, अना यीसु को पाय पड़के, ओको लक सबच हाल खरो-खर सांगिस। 34 ओना ओको लक कहीस; "टूरी तोरो भरोसा लक तु साजरो भईसेस। सान्ती लक जाव अना सारो संकट लक बची रव्ह।"
35 उ असो कव्हत होतो की सभाघर को मुखिया को घर लक खबर आई की "तोरी टूरी ता मर गई अब काय लाई गुरुजी ला दुख देवासेस।"
36 जोन गोस्टी वय कर रही होतीन, ओकी अनसुनी करके यीसु ना ओना सभाघर को मुखिया ला कहीस "नोको डराव; बस भरोसा राख।" 37 अना ओना पतरस अना याकूब अना वोको भाऊ योहन ला छोड़ अना कोनी ला आपरो सँग आवन नही देइस। 38 अना सभाघर को मुखिया को घर मा पहुचियो ता ओना लोकगीन मा हलचल चोविस। 39 तबा ओना भीतर जायके भीड़ ला कहीस "तुमी कायला बेचैन सेव, अना रडसो? टूरी मरी नही से पर जपमा से।"
40 लोकगीन ओकी हसी उडाईन, पर ओना सबला बाहेर हेडके टूरी को माय-बाप अना उनको सँगी ला आन कन भीतर गयो, जिता वा टूरी होती। 41 अना टूरी को हात धरके5:41 हात धरके ओको लक कहीस, "तलीता कुमी।" जेनको लक मतलब से, "हे टूरी मि तोरो लक कव्हसू, उभो होय।"
42 अना टूरी गदने जाग के चलन फिरन लगीन। अना वा बारा बरस की होती। यो चोवके लोकगीन ला लगत अचंभा भयो। 43 मंग ओने उनला कड़ो हुकूम देइस, की यो गोस्टी कोनी ला नोको साँगने। अखीन असो कहीस का "टूरी ला काही जेवन लाई देव।"