30 तौ जब परमेस्वर मैदान की घाँस कै, जो आज है, और कल भट्टी मैं झोंकी जागी, ऐसो लत्ता पहनाथै, तौ ओ कम बिस्वास करन बारे! का बौ तुमकै और भी जाधे ना पहनागो?" 31 "तौ चिंता मत करियो: ‘कि हम का खांगे? या का पींगे? और या का पहनंगे?’
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30 तौ जब परमेस्वर मैदान की घाँस कै, जो आज है, और कल भट्टी मैं झोंकी जागी, ऐसो लत्ता पहनाथै, तौ ओ कम बिस्वास करन बारे! का बौ तुमकै और भी जाधे ना पहनागो?" 31 "तौ चिंता मत करियो: ‘कि हम का खांगे? या का पींगे? और या का पहनंगे?’