परमेस्वर कि सेवा मैं जिंदगी
1 तभईये, भईय्यौ और बहेनियौ, मैं तुमसे परमेस्वर की दया याद करबाय कै नहोरे करथौं कि अपने सरीर कै जिंदो, और पवित्र, और परमेस्वर कै मन से लगन बारो बलिदान करकै चढ़ाबौ। जहे तुमरी आत्मिक सेवा है। 2 जौ युग के जैसे मत बनौ; लेकिन तुमरे मन के नये हुई जान से तुमरो चालचलनौ बदलत जाबै, जोसे तुम परमेस्वर कै अच्छी, और बाकै भान बारी, और परख की सिद्ध इच्छा अनुभव से मालुम करत रहबौ।